कोलकाता, 09 अप्रैल 2026 –
पेशेवर समर्पण और परिचालन उत्कृष्टता के भव्य उत्सव के रूप में, सियालदह मंडल ने 70वें रेल सेवा पुरस्कार समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम), सियालदह, श्री राजीव सक्सेना ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस समारोह में वर्ष 2024-25 के दौरान मंडल को अभूतपूर्व ऊँचाइयों तक पहुँचाने वाले रेलकर्मियों की “अटूट निष्ठा” को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्री सक्सेना द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर ईआरडब्ल्यूडब्ल्यूओ की अध्यक्ष श्रीमती निधि सक्सेना, अपर मंडल रेल प्रबंधकगण (ADRMs) तथा विभिन्न शाखाओं के अधिकारी उपस्थित रहे। यह समारोह उस वर्ष को समर्पित था, जिसमें सुरक्षा, यात्री सेवाओं और अवसंरचना विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति दर्ज की गई।
श्री सक्सेना ने वर्ष 2025-26 में सियालदह मंडल द्वारा स्थापित नए कीर्तिमानों पर भी प्रकाश डाला:
* रिकॉर्ड यात्री संख्या: मंडल ने 80.77 करोड़ यात्रियों की अब तक की सर्वाधिक संख्या का सफलतापूर्वक प्रबंधन किया।
* ऐतिहासिक ट्रेन सेवाएं: 46 नई ईएमयू ट्रेनों की शुरुआत, जिनमें 10 एसी सेवाएं शामिल हैं—पूर्व रेलवे में पहली बार एसी ईएमयू सेवा शुरू की गई।
* नई मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें: 3 जोड़ी नई मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें शुरू की गईं, जिनमें हमसफर, सैरांग और पहली अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल हैं।
* अवसंरचना एवं यात्री सुविधा: लंबे समय से प्रतीक्षित प्रफुल्ल द्वार को पुनः खोला गया तथा अतिरिक्त टिकट काउंटर स्थापित किए गए, जिससे यात्री आवागमन सुगम हुआ।
* कनेक्टिविटी: कृष्णनगर–आमघाटा खंड को चालू किया गया, जिससे यात्रियों की सुविधा में वृद्धि हुई।
* गति शक्ति कार्गो टर्मिनल: सारगाछी में पूर्व रेलवे का पहला गति शक्ति कार्गो टर्मिनल स्थापित किया गया, जिससे माल ढुलाई में क्रांतिकारी बदलाव आया।
* रिकॉर्ड अनुरक्षण कार्य: वर्ष के दौरान ट्रैक नवीनीकरण के कार्यों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की गई, जिससे सुरक्षा मानकों में सुधार हुआ।
* स्क्रैप राजस्व: पूर्व रेलवे में स्क्रैप बिक्री के क्षेत्र में अब तक का सर्वाधिक प्रदर्शन दर्ज किया गया।
* भीड़ प्रबंधन: दमदम और बिधाननगर स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म नामांकन प्रणाली लागू की गई। दुर्गा पूजा, काली पूजा, छठ पूजा, गंगासागर मेला और मतुआ मेला के दौरान विशेष ट्रेनों और अतिरिक्त कोचों के माध्यम से भीड़ का सफल प्रबंधन किया गया।
* समयपालन एवं गति: कुल समयपालन 93.45% तक पहुँचा।
* नवाचार: यात्रियों की सुविधा के लिए 38 स्टेशनों पर “दवा दोस्त” मेडिकल स्टोर स्थापित किए गए।
* आधुनिकीकरण: प्लासी, बेरहामपुर कोर्ट और सियालदह में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) की स्थापना के साथ 36 स्लाइडिंग बूम गेट लगाए गए।
* चिकित्सा अवसंरचना: बी. आर. सिंह अस्पताल में 3 टेस्ला एमआरआई मशीन स्थापित की गई—जो भारतीय रेलवे में पहली बार है।
मंडल के विभिन्न विभागों के उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित करने हेतु 24 दक्षता शील्ड प्रदान की गईं:
स्टेशन श्रेणी: बड़े एवं छोटे स्टेशनों पर स्वच्छता और यात्री प्रबंधन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए।
* सुरक्षा श्रेणी: दुर्घटना-निवारण उपायों और परिचालन सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता के लिए।
* तकनीकी श्रेणी: इंजीनियरिंग, सिग्नल एवं दूरसंचार तथा विद्युत विभाग के योगदान के लिए।
* स्वास्थ्य इकाइयाँ: चिकित्सा सेवाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं के उत्कृष्ट रख-रखाव के लिए।
* सुरक्षा बल: यात्रियों के लिए सुरक्षित वातावरण बनाए रखने में आरपीएफ के सराहनीय कार्य हेतु।
श्री सक्सेना ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान उपलब्धियाँ ऐतिहासिक अवश्य हैं, परंतु वे भविष्य की मजबूत नींव मात्र हैं। ₹453.19 करोड़ की लागत से 32 नई परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे यात्री सुविधाओं में और अधिक सुधार होगा।
अपने समापन संबोधन में उन्होंने सभी पुरस्कार विजेताओं को हार्दिक बधाई दी और उनके “व्यक्तिगत उत्कृष्टता और अथक परिश्रम” को देश की सामाजिक-आर्थिक प्रगति का प्रेरक बताया। उन्होंने सभी कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे नव ऊर्जा और उत्साह के साथ कार्य करें, ताकि आने वाले वर्षों में वे भी इस प्रतिष्ठित सम्मान के पात्र बन सकें।









