कोलकाता, 7 मई 2026
यात्री सेवा के मानकों को और ऊंचा उठाने तथा रेल उपयोगकर्ताओं के साथ बेहतर संबंध स्थापित करने के निरंतर प्रयास के तहत, सियालदह मंडल के वाणिज्यिक विभाग ने आज अपने अग्रिम पंक्ति (फ्रंटलाइन) कर्मचारियों के लिए एक व्यापक सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया।
इस कार्यशाला में दैनिक रेलवे संचालन में “सॉफ्ट स्किल्स” की महत्वपूर्ण भूमिका पर विशेष जोर दिया गया। यह बताया गया कि फ्रंटलाइन कर्मचारियों का व्यवहार ही भारतीय रेलवे की छवि को दर्शाता है। प्रशिक्षण का उद्देश्य जनसंपर्क कौशल को बेहतर बनाना, प्रभावी संवाद सुनिश्चित करना तथा यात्रियों के साथ अधिक सहानुभूतिपूर्ण संबंध स्थापित करना था।
प्रशिक्षण सत्र में कर्मचारियों को “क्या करें (Do’s)” और “क्या न करें (Don’ts)” के एक स्पष्ट ढांचे के माध्यम से विभिन्न प्रकार के यात्रियों की आवश्यकताओं को संभालने का मार्गदर्शन दिया गया।
*“(Do’s)”*
• *Active Listening:* यात्रियों की शिकायतों और प्रश्नों को ध्यानपूर्वक सुनना और उसके बाद समाधान प्रदान करना।
• *Empathy and Courtesy:* विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों के प्रति शिष्ट भाषा और सहायक व्यवहार अपनाना।
• *Clarity in Communication:* ट्रेन समय, टिकटिंग और सुविधाओं से संबंधित सटीक और स्पष्ट जानकारी प्रदान करना।
• *सॉफ्ट स्किल्स के 7 प्रमुख तत्वों का पालन:* संचार (Communication), (Emotional Intelligence), (Time Management), (Creativity), (Critical Thinking), (Adaptability) (Team Work).
*“(Don’ts)”*
• *Avoid Confrontation:* तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी बहस से बचते हुए स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से संभालना।
• *No Ambiguous Answers:* अधूरी या अपुष्ट जानकारी देने से बचना, जिससे यात्रियों में भ्रम न उत्पन्न हो।
• *Neglecting Queries:* यह सुनिश्चित करना कि सहायता काउंटर पर कोई भी यात्री अनदेखा न रहे।
- मंडल अधिकारियों ने बताया कि यह प्रशिक्षण जनसंपर्क में प्रत्यक्ष और सकारात्मक प्रभाव डालेगा। संचार अंतर को कम करते हुए वाणिज्यिक विभाग का लक्ष्य हर बातचीत को यात्रियों के लिए सहज और सुखद अनुभव में बदलना है।
सियालदह मंडल “Passenger First” की भावना के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।









